जिला रीवा में स्थित विधानसभा क्षेत्र 70 त्योंथर का इतिहास
सन 1989 और 90 के तहत हुए मामलों का फिर से एक बार खुलेगा इतिहास दोबारा की जाएगीं इसके विषय में चर्चा
त्योंथर विधानसभा क्षेत्र 70
बातें पुरानी, खुलेगा त्योंथर का इतिहास
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जिला रीवा त्योंथर विधानसभा - क्षेत्र 70
त्योंथर - 70
सन 1989 और 90 के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र 70 में
यह घोषणा की गई थी त्योंथर क्षेत्र में आने वाली हॉस्पिटल में 100 बेड की विधायक स्व ़श्री रामलखन सिहं द्वारा मांग की गयी थी
जो कि आज तक पूरी हुई कि नहीं या नहीं पता मुझको लेकिन यही मान सन 1989 और 90 के तहत की गई थी स्वर्गीय श्री राम लखन द्वारा जो की बहुत ही विश्वसनीय काम था दोस्तों से त्योंथर क्षेत्र की जनता भले ही आज दूसरी पार्टी को चुनाव जीता कर खुशी ना हो लेकिन उन मुसलमानों का क्या जिन्होंने अपनी कई पीढ़ी से कांग्रेस की सेवा की है उसी के चलते यह देखा जाए तो सन 1989 से लेकर 90 के तहत इस मामले की पूरी तहकीकात नहीं की गई थी इसी के चलते अब आज तो उधर से लेकर सुहागी तक आने वाली सड़क के या कस्बे के बीच में जो हॉस्पिटल आती है उसमें 100 बेड स्थित हुआ कि नहीं यह तो मुझे मालूम नहीं लेकिन देखा जाए तो दोस्तों ऐसे कर्मठ और महानुभव सरकार को मैं भी जय हिंद कहना चाहता हूं क्योंकि दोस्तों स्वर्गीय श्री राम लखन सिंह युवा कर्मठ और किसान जैसे महत्वपूर्ण नेताओं के सबसे बड़े विश्लेषण रहे हैं इनको लव पुरुष के नाम से भी पुकारा जा सकता है दोस्तों इन्होंने भले ही अपने 1 वर्ष में ही और पंचवर्षीय विधायक एक ही बार हो कर दिखाया हो लेकिन इतनी क्षमता रखने वाला भी कोई नहीं है दोस्तों आज भले ही कोई अपने आपको त्योंथर क्षेत्र का स्वाभिमान मानता हो लेकिन मैं तो यही कहूंगा कि यहां की जनता को अपने आत्मविश्वास से पूर्ण रूप से कांग्रेस की सरकार को ही वोट देकर भारी मतों से विजई बनाना चाहिए क्योंकि कांग्रेस की सरकार से हमको यह मतलब नहीं है कि हम विरोधी टीम से हैं दोस्तों मतलब यह है कि जिस महापुरुष के जरिए इतनी बड़ी क्यों सर की स्थिति को बदलने का प्रयास किया गया उस स्थिति को फिर से दोबारा दोहराया जाए यह मेरी सरकार से दरख्वास्त है क्योंकि देखा जाए तो यहां की जनता बहुत ही महानुभाव और बहुत ही विद्वान है क्योंकि मुसलमानों के प्रति कांग्रेस का प्यार देखकर मैंने यह देखा है कि यहां की जनता अगर एक बार और जितने भी आने वाले ग्रामीण क्षेत्र हैं उन्हें पूरी तरह से फुल सपोर्ट में रहकर कांग्रेस को इस बार जिताने का फुल अथक प्रयास किया जाए क्योंकि उस महानुभाव उस महानुभाव के उस भाव को जीवित किया जाए जिस भाव को सन 1989 और 90 के तहत दोहराया गया था और फिर से कांग्रेस अपना साम्राज्य स्थापित करें क्योंकि आज वर्षों से लेकर कई वर्षों से चली आ रही इस पीढ़ी में हमेशा ही कांग्रेस का वर्चस्व रहा है जिसके चलते कांग्रेस की सरकार को किसी में हिलाने की क्षमता भी नहीं थी लेकिन पता नहीं कहां से ऐसी सरकार आ गई कि महंगाई से लेकर पूरी तरह से पूरे देश में अहंकार अंधविश्वास और पता नहीं क्या-क्या अपना वर्चस्व दिखा रही है दोस्तों पब्लिक को सब दिखता है लेकिन उनके अंदर का पाप नहीं दिखता तो तुम्हें यह नहीं कहना चाहता हूं सरकार के विषय में क्योंकि सरकार से मेरी यही दरखास्त है कि जनता के प्रति पूरा भेदभाव और सभी प्रकार का समर्पण किया जाए मेरे प्यारे मित्रों जैसा कि आप लोगों ने देखा कि मैंने इस ब्लॉग के जरिए थोड़ा सा विधानसभा के ऊपर रुख किया है मेरे प्यारे मित्रों जब से देश आजाद हुआ था और देश आजाद होने से पहले भी हमारे देश में कांग्रेस की ही सरकार थी भले ही दुनिया कुछ कहे और जनता कुछ कहे लेकिन भारत देश आजाद होने से पहले भी भारत में कांग्रेस की सरकार थी और भारत देश आजाद होने के बाद भी कांग्रेस की सरकार थी पता नहीं कहां से ऐसी सरकार आ गई कि पूरे देश में पूरे देश में अपना साम्राज्य विकसित करके पूरे देश को खोखला करने में लगी हुई है अब देखना यह है कि यह अपने देश को किस स्थिति में लाकर छोड़ दी है देश की जनता को अगर आज समझ में नहीं आया तो फिर कभी समझ में नहीं आएगा तो फिर कभी समझ में नहीं आएगा क्योंकि जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक और हमारे देश के महानुभाव प्रधानमंत्री और यहां तक कि राष्ट्रपतियों का बहुत ही विशेष ध्यान देने का आकर्षण मैंने देखा है क्योंकि उनका योगदान बहुत ही बड़ा रहा है और आज की सरकार में देखा जाए तो केवल अंधविश्वास और धोखाधड़ी के अलावा कुछ नहीं है आज के देश में देखा जाए तो ₹120 लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ावा देने का सबसे बड़ा फैसला किया गया है यहां तक कि सब्जी से लेकर तेल से लेकर सभी खाद्य पदार्थों में खासतौर पर विशेष योगदान रहा है ऐसी सरकार का तो ऐसे में दोस्तों हम अंधे खुद हैं और पब्लिक खुद अंधी है जो ऐसी भूल भुलैया की सरकार बनाने में लगी हुई है तो दोस्तों आइए मिलकर एकजुट होकर सब लोग सपोर्ट करते हैं कि हमारा एक ही नारा होगा
जय कांग्रेस विजय कांग्रेस राष्ट्रीय कांग्रेस जिंदाबाद
कौन सी सरकार और किसका ज्यादा दबदबा आइए जानते हैं
कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर को हुई थी 1885 में
6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई
हमारे भारत देश में प्राचीन काल से कांग्रेस की ही सरकार का वर्चस्व रहा है देखा जाए तो सन 18 सो पचासी के दौरान दादा भाई नौरोजी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार की स्थापना की गई मुंबई में दोस्तों इस सब के चलते हुए भी अगर देखा जाए तो सरकार की सबसे बड़ी गठन पार्टी कांग्रेस पार्टी जो की बहुत ही बड़ी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के नाम से जानी जाती थी भारत देश में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी एक अपना अलग गठन बनाकर मुद्रित हुई थी
लेकिन उसके बाद भारत देश में ऐसी सरकार का निर्माण हुआ जिसके द्वारा पूरे भारत देश को अस्त-व्यस्त कर दिया गया अब देखा जाए तो 2021 की गतिमान स्थिति को सही ढंग से नहीं चला सकती ऐसी सरकार क्योंकि इस महंगाई के दौर में गरीब क्या खाएगा और अमीर की तो बात ही छोड़िए
दिनभर की दिनचर्या में सब चीज का मोल भाव देखा जाए तो घटता नहीं है और बढ़ता जा रहा है पेट्रोल ₹120 लीटर हो गया आलू ₹25 किलो हो गई टमाटर ₹50 से लेकर ₹60 किलो हो गया हरी सब्जियों का भाव तो देखा ही नहीं जा सकता है प्याज जो कि ₹10 ₹20 किलो बिकती थी आज के डेट में ₹30 ₹40 ₹50 किलो बिक रही है आलू देखा जाए तो ₹10 ₹8 ₹7 यहां तक कि ₹9 में भी बिकी है लेकिन कभी 15 या 20 से ऊपर नहीं गई है लोग अपने स्वभाविक है कि जो लोगों के शहर में लोकल मंडियां होगी वहां पर आलू लेने जाते रहे होंगे पहले तो ₹50 पसेरी आलू मिल जाती थी लेकिन आज के डेट में बहुत मुश्किल है कि ऐसी स्थिति बनी हुई है कि ₹50 में तो छोड़िए ₹60 में देने के लिए कोई तैयार नहीं है 80 से लेकर ₹90 पसेरी तक आलू बिक रही है
अब देखा जाए तो घर में उपयोग होने वाले खाद्यान्न पदार्थों को रिफाइंड का तेल ₹180 खुल्ला बिक रहा है और पैकेट में ₹150 का बिक रहा है और जो सरसों का तेल है यह भी ऐसे ही कुछ भाव का है दोस्तों रिफाइंड का तेल एक समय पर ₹80 किलो पैकेट में था यहां तक कि 70/75 रुपए में भी पैकिंग में बिका है लेकिन 150 और ₹140 /125 रुपय कभी नहीं हुआ लेकिन आज के डेट में एकदम महंगाई का दबदबा है
और आगे भी देखते रहिए दोस्तों की अब तो माचिस की डिबिया भी ₹2 में मिलेगी क्योंकि हमको पता चला है कि नवंबर माह के बाद एक रुपए वाली माचिस की डिबिया अब ₹2 मिलेगी
बीतते जमाने का हाल
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