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जिला रीवा के रिटायर फौजी की दस्तान ( एक असली हीरो)
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जिला रीवा के रिटायर फौजी की दस्तान ( एक असली हीरो)
नमस्ते मेरे प्यारे दोस्तों में फिर वापस आ गया मेरा नाम सौरव
कुमार वर्मा है रीवा बाला सौरव के नाम से मुझे दुनिया जानती है
रिटायर आर्मी मैन सूबेदार स्वर्गीय श्री बसंत लाल वर्माआर्मी ऑफिसर श्री स्वर्गीय बसंत लाल वर्मा का जीवन बहुत ही योगदान पूर्वक और इनका जीवन बहुत ही अच्छा बीता था
इनके जीवन काल में बहुत बड़ी-बड़ी कष्ट पूर्ण परिस्थितियां आई लेकिन इन्होंने पर इन्होंने परिस्थिति को बहुत ही अच्छी तरह से रखा और समझा और संभाला भी था मेरे प्यारे मित्रों मेरे ब्लॉग के स्टेटस को पढ़कर शेयर करिए और हो सके तो ज्यादा से ज्यादा लाइक कमेंट और शेयर बढ़ाएं दोस्तों इनके जीवन काल का सबसे प्रथम हिस्सा था इनके पुत्रों का इनके पुत्र बहुत ही बीते समय के सबसे बड़े हारे हुए खिलाड़ी लेकिन विचारों की नौकरी ना लगने पर बहुत ही कष्ट का अनुभव व्यतीत करना पड़ा इन लोगों को उनके बड़े पुत्र धीरेंद्र कुमार वर्मा की आर्थिक स्थिति और तबीयत बहुत ही खराब रहती थी हमेशा कहीं मद्रास कहीं अलीगढ़ तो कहीं दिल्ली पता नहीं कहां का है इनका इलाज करवाया गया था इनके फेफड़े और इनके लीवर में बहुत ज्यादा परेशानी थी इनकी आर्थिक परेशानियों के कारण और बीमारी के कारण उनकी मौत हो गई अचानक 2016 में जब रीवा शहर में बाढ़ पीड़ित में और उनके दूसरे बेटे जो कि कुछ समझदार तो है लेकिन थोड़ा सनकी भी हैं इनका नाम था वीरेंद्र कुमार वर्मा इनकी भी थोड़ा स्थिति सही नहीं थी लेकिन हो गया कैसे भी करके कर गुजर चल जाता था अभी चल भी रहा है उनकी जो विकलांगता पेंशन थोड़ा आंख से कमजोर हैं तो इनकी आज तक विकलांगता की आंख की पेंशन नहीं बन पाई उनकी आर्थिक स्थिति यही थी कि उनकी पेंशन बन जाए तो या अपने से खाने कमाने के लायक तो नहीं है लेकिन टेंशन बन जाए तो उसमें से थोड़ा इनको राहत राशि का योगदान मिल जाएगा कृपया करके इस बात को पेंशन वाली बात को पब्लिक तक ज्यादा पहुंचाया जाए जो इनकी पेंशन आर्थिक स्थिति में मिलने लगे
और इन के सबसे छोटे बेटे जिसका नाम नरेंद्र कुमार नरेंद्र कुमार का जीवन बहुत ही बेकार है उनके जीवन की सबसे बड़ी स्थिति का माहौल जानने के लिए आप लोग खुद ही हमारे ब्लॉग पर कमेंट कर सकते हैं दोस्तों इनके जीवन की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इन्होंने आज तक कभी भी बाहर का माहौल नहीं देखा या अपने घर पर ही रह कर दुनियादारी को जानकर जिंदगी बिता रहे हैं इनकी धर्मपत्नी का नाम है श्री आशा देवी वर्मा जो कि बहुत ही निपुण और सहायक स्वयंसेवक समिति में काम करती हैं यह एक बहुत ही गंभीर बात है कि आर्मी ऑफिसर की बहू ऐसी नौकरी करती हैं कि देखने लायक हैं
अब इनके जीवन में आर्थिक स्थिति में सबसे बड़ी और सबसे बड़ी चुनौती पूर्ण स्थिति में आती है इनकी माता जी की माता जी का नाम प्रभादेवी बर्मा है जो कि मैंने आपको ऊपर लिखकर बताया है उनकी माताजी को कम सुनाई देता है इसी के कारण वह लड़ने झगड़ने लगती हैं इनकी माताजी जोकि बसंत लाल वर्मा के मृत्यु होने के बाद इनको पेंशन धारक बना दिया गया और इन्हें आज के डेट में 10 से ₹12000 पेंशन मिलती है तो इसी के चलते इनका जीवन पेंशन में चल रहा है लेकिन अगर आप लोग श्री वीरेंद्र कुमार वर्मा जी की बातों को समझ जाएंगे तो कृपया करके इनको ₹600 दिलवाने का आग्रह किया जाए और मेरे इस ब्लॉग को भी आगे बढ़ाया जाए और उनकी पेंशन जल्द बन जाए इसलिए मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं इस ब्लॉग के टाइटल को जरूर आगे बढ़ाएं
ऐसे ऑफिसर को मैं तहे दिल से सलाम करता हूं ,
जय हिंद,
आगे भी मेरी ब्लॉग आती रहेंगी इससे और अच्छी अच्छी इसको शेयर करिए कमेंट करिए और हो सके तो लाइक भी करिए शेयर ज्यादा करिए जिससे पब्लिक में इस ब्लॉग का सबसे ज्यादा चयन हो नमस्कार आपका अपना रीवा वाला सौरव
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