राजनीति एक रणनीति , होगा नेताओं और दलालों का गुणा भाग का पच्चीसी करण
14 नवंबर खास दिन भारत देश में हर साल कुछ ऐसे बेहद जरूरी दिन आते हैं, जो बेहद ही खास होते हैं। जैसे- बाल दिवस, ये दिन हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है और इसे बच्चों के लिए सबसे खास दिन माना जाता है। दरअसल, 14 नवंबर को ही भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिवस होता है। बच्चे जवाहरलाल नेहरू को प्यार से चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे। वहीं, उनका भी बच्चों के प्रति काफी प्रेम था। चाचा नेहरू जितना भी जिए, उन्होंने बच्चों को काफी प्रेम किया और अब हर साल इस दिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
हमारे भारत देश के प्रथम प्रधानमंत्री जिनका जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है 14 नवंबर को मेरे प्यारे मित्रों आज की ब्लॉग का टाइटल यही है राजनीति या रणनीति होगा नेताओं के पच्चीसी गुणा भाग का सबसे बड़ा खुलासा
सुभाष चंद्र बोस जी कहते थे कि तुम मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा और नरेंद्र मोदी भारत देश का प्रधानमंत्री कहता है कि तुम मुझे रुपया दो और मैं तुम्हें भ्रष्टाचार दूंगा, महंगाई दूंगा और क्या-क्या नहीं देगा देख तो लिया जनता नहीं अब देखना उनको है जो अंधे हो चुके। हैं।
मेरी जनता जनार्दन से विनम्र अपील है कि अबकी बार कांग्रेस की सरकार वरना तुम मुझे रुपया दो मैं तुम्हें भ्रष्टाचार और महंगाई और पता नहीं क्या-क्या दूंगा
नमस्कार मेरे प्यारे मित्रों और मेरे प्यारे दोस्तों आप लोगों के साथ एक बार फिर मैं आ गया अपनी नई ब्लॉग का टाइटल लेकर मेरे प्यारे मित्रों पहले के जो राजनेता हुआ करते थे जैसे सुभाष चंद्र बोस लाला लाजपत राय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री और हमारे देश के प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी और हमारे देश के प्रथम राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद जी जो कि बहुत ही सम्मानजनक बातें कहा करते थे इन्हीं की देन थी दोस्तों भारत देश में कांग्रेस की सरकार के रहते हुए इनकी देन थी कि ₹80000 में तब सीट जैसा पक्का मकान खड़ा हो जाता था और राजनेता कहते थे कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा लेकिन आज के नेता कहते हैं कि तुम मुझे रुपया दो मैं तुम्हें भ्रष्टाचार महंगाई और यहां तक कि कड़ा कानून दूंगा
बाल 💇 दिवस के रूप में मनाया जाता है
भारत देश के प्रथम प्रधानमंत्री का जन्मदिन
हमारे भारत देश के प्रथम प्रधानमंत्री श्रीमान जवाहरलाल नेहरू जी को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई संदेश दोस्तों आज उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर मैंने अपने ब्लॉग ट्यूटोरियल में एक बेहतरीन ब्लॉग डाला है जो कि आप लोगों को बहुत पसंद आएगा उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर आप लोगों को सभी को मेरे ब्लॉग पर आमंत्रण प्रदान करता हूं मैं
ऐसे महान नेता के लिए एक बार तो दोस्तों आप लोग अच्छा ही सोचेंगे अब आइए आगे हाल जानते हैं
योजना में गरीब परिवारों को पक्का मकान देने की योजना है। योजना के तहत पहले प्लेन क्षेत्र के लिए 70000 रुपए आते थे , जिन्हे बढाकर 1.20 लाख रुपए कर दिया गया है। योजना के तहत हिल क्षेत्र के लिए पहले 75 हजार रुपए स्विकृत होते थे, जिन्हे बढाकर 1.30 लाख रुपए कर दिया गया है।
किन्तु गांधीजी के कहने पर सरदार पटेल और आचार्य कृपलानी ने अपना नाम वापस ले लिया और जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमन्त्री बनाया गया। 1947 में वे स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमन्त्री बने।
आइए दोस्तों जानते हैं कुछ राजनीति का सबसे बड़ा स्त्रोत मेरे प्यारे मित्रों कांग्रेस की सत्ता में सबसे बड़ा बदलाव जब हुआ जब सरदार बल्लभ भाई पटेल को प्रधानमंत्री नहीं चुना गया दोस्तों जब सरदार बल्लभ भाई पटेल और नेहरू के बीच में प्रधानमंत्री पद चुनने का फैसला किया गया तो कांग्रेस की पार्टी ने यही कहा कि सरदार भाई वल्लभ पटेल को प्रधानमंत्री बनाने की अनुमति दी जाए लेकिन तब मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान को लेकर बहुत मुद्दा खड़ा किया था और बहुत विवाद खड़ा किया था उनसे बेहतर कोई नहीं था बल्लभ भाई पटेल से कि मोहम्मद अली जिन्ना से कोई निपट सकें लेकिन महात्मा गांधी हमारे देश के राष्ट्रपिता जिन्होंने हमारे भारत देश के लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री ना चुनते हुए श्री जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री बना दिया जब प्रधानमंत्री बनने का टाइम था तब हमारे सरदार बल्लभ भाई पटेल 71 साल के थे और हमारे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू 56 साल के थे तो दोस्तों इस रूढ़ वादी सरकार को क्या कहा जाए जब देश सरकार और सम्मानजनक सभी प्रकार की स्थिति बनी हुई थी तब भारत को एक कुएं में ढकेल दिया गया एक सम्मानजनक और एक सबसे अच्छा लोह पुरुष नेता मिलने वाला था यहां तक नहीं तो उस तो उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना से लोहा से लोहा ले लिया मोहम्मद अली जिन्ना को उनके अलावा कोई नहीं संभाल सकता था यहां तक कि नेहरू जी भी नहीं उनसे तो बात करते ही नहीं बनती थी लेकिन जो बात सरदार बल्लभ भाई पटेल ने मोहम्मद अली जिन्ना से कहा वह मुझे बहुत अच्छा लगा दोस्तों इसीलिए मैं इस ब्लॉग में आप लोगों को बताने जा रहा हूं दोस्तों जब मोहम्मद अली जिन्ना की और सरदार वल्लभभाई की बात हो रही थी तो सरदार वल्लभभाई पटेल से मोहम्मद अली जिन्ना ने कहा कि आप मुझे इतना पैसा दे दीजिए भारत की तरफ से जो धन इकट्ठा हुआ है बस मैं पाकिस्तान को भूल जाऊंगा तो सरदार बल्लभ भाई पटेल ने कहा नहीं मुझे कश्मीर की जरूरत है क्यों भाई आधा पैसा तुम ले लो आधा पैसा मैं ले लूं और कश्मीर मुझे दे दो और मोहम्मद अली जिन्ना अपनी तरफ से कहता है कि नहीं कश्मीर में लूंगा तो सरदार बल्लभ भाई पटेल ने कहा कि चलो ठीक है कश्मीर तुम ले लो पैसा तो मुझे दे दो लेकिन नहीं उसमें भी मोहम्मद अली जिन्ना नहीं माना तो मोहम्मद अली जिन्ना को अच्छे से जवाब देने का एक तरीका था जब लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल जैसे महान नेता को भारत की तरफ से मेरी तरफ से भी सादर नमस्कार मैं करता हूं और जय हिंद जय भारत कहता हूं
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